क्रूड हुआ महंगा: ONGC और Oil India के शेयरों में 7% की तेजी, लेकिन HPCL-BPCL में 4% तक गिरावट
Last Updated on February 19, 2026 17:47, PM by Pawan
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर भारतीय ऑयल कंपनियों शेयरों पर दिखा। अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयर चढ़े, जबकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) में गिरावट देखी गई। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के शेयर करीब 4.5% चढ़कर 276.45 रुपये पर पहुंच गए। वहीं ऑयल इंडिया के शेयर 7% से ज्यादा उछलकर 485.8 रुपये पर कारोबार करते दिखे।
अपस्ट्रीम कंपनियां कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से फायदा उठाती हैं। तेल महंगा होने पर इनके रियलाइजेशन और मुनाफे में सुधार की उम्मीद बनती है। इसी वजह से निवेशकों ने इन शेयरों में खरीदारी की।
HPCL, BPCL और IOC में दबाव
रिफाइनिंग और मार्केटिंग कंपनियों के लिए कच्चे तेल की तेज कीमतें लागत बढ़ाती हैं। अगर फ्यूल की कीमतें तुरंत नहीं बढ़ाई जातीं तो मार्जिन पर दबाव आ सकता है। यही वजह रही कि इन शेयरों में कमजोरी देखी गई।
क्यों बढ़ रहे हैं क्रूड के दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव गुरुवार को 71.06 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह करीब 1% की तेजी है। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड का भाव भी 65.88 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयर बाजार को चिंता है कि अमेरिका आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है। फारस की खाड़ी में किसी भी तरह का सैन्य तनाव, क्रूड की सप्लाई पर असर डाल सकता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से निकलने वाले क्रूड ऑयल के शिपमेंट में बाधा आती है तो इसकी ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ सकता है। यह इलाका दुनिया के एक बड़े हिस्से के लिए क्रूड ट्रांसपोर्ट का अहम समुद्री मार्ग है।
सैटेलाइट रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान अपने प्रमुख परमाणु ठिकानों को मजबूत कर रहा है। वहीं अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। इन घटनाओं से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है।
अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल में और तेजी आ सकती है। इससे अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा मिल सकता है, जबकि OMC शेयरों पर दबाव बना रह सकता है।
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