1 अप्रैल 2026 से बदल जाएंगे कई टैक्स नियम, PAN से ITR तक आम लोगों को होगा फायदा
Last Updated on February 19, 2026 20:48, PM by Pawan
New Financial Year 1 April 206: फरवरी खत्म होने को है और नया फाइनेंशियल ईयर आने वाला है। देश में 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा। इसके साथ ही पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होंगे। इनका असर सैलरीड लोगों, निवेशकों, कारोबारियों और कंपनियों पर पड़ेगा।
PAN नियमों में बड़ी राहत
नए नियमों के तहत PAN से जुड़े कई नियम आसान किए गए हैं। पहले बैंक या पोस्ट ऑफिस में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा या पैसा निकालने पर PAN देना जरूरी था। अब PAN तभी देना होगा जब साल भर में कुल कैश ट्रांजेक्शन 10 लाख रुपये से ज्यादा हो। होटल, रेस्टोरेंट और बड़े आयोजनों में खर्च पर भी PAN की लिमिट बढ़ा दी गई है। पहले 50,000 रुपये से ज्यादा के बिल पर PAN देना पड़ता था। अब यह लिमिट 1 लाख रुपये कर दी गई है।
गाड़ी और प्रॉपर्टी खरीद में बदलाव
अब 5 लाख रुपये से कम कीमत की कार या बाइक खरीदने पर PAN देना जरूरी नहीं होगा। इससे छोटे खरीदारों को राहत मिलेगी। प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन में भी लिमिट बढ़ाई गई है। अब PAN केवल तब जरूरी होगा जब प्रॉपर्टी की कीमत 20 लाख रुपये से ज्यादा हो। पहले यह लिमिट 10 लाख रुपये थी। इससे सस्ती संपत्ति खरीदने वालों को फायदा होगा। NRI से प्रॉपर्टी खरीदना भी आसान होगा। अब TDS काटने के लिए अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। खरीदार अपना PAN इस्तेमाल कर सकेंगे।
बीमा नियम सख्त
बीमा खरीदने के नियम कड़े किए गए हैं। अब किसी भी बीमा पॉलिसी के लिए PAN देना अनिवार्य होगा, चाहे प्रीमियम कितना भी हो। पहले PAN केवल महंगी पॉलिसी पर जरूरी था।
मुआवजे के ब्याज पर टैक्स नहीं
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले मुआवजे के ब्याज पर अब पूरी तरह टैक्स छूट मिलेगी। पहले इस पर TDS कट जाता था।
बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा छूट
पुराने टैक्स रिजीम में एजुकेशन अलाउंस बढ़ाया गया है। पहले 100 रुपये मंथली प्रति बच्चा की छूट मिलती थी। अब यह बढ़ाकर 3,000 रुपये मंथली कर दिया गया है। यह सुविधा अधिकतम दो बच्चों के लिए मिलेगी। हॉस्टल अलाउंस 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये मंथली कर दिया गया है। ये फायदा सिर्फ पुराने टैक्स रीजीम में ही मिलेगा।
टैक्स सिस्टम होगा ज्यादा डिजिटल
अब टैक्स नोटिस मोबाइल ऐप के जरिए भी भेजे जाएंगे। रिमाइंडर भी मिलेंगे। PAN को आधार से लिंक न करने पर परेशानी हो सकती है।
शेयर बायबैक और STT में बदलाव
अब शेयर बायबैक से मिलने वाली आय को डिविडेंड नहीं बल्कि कैपिटल गेन माना जाएगा। टैक्स शेयर की खरीद कीमत और होल्डिंग पीरियड के आधार पर लगेगा। फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़कर 0.05% हो गया है। ऑप्शन प्रीमियम पर STT 0.10% से बढ़कर 0.15% हो गया है।
ITR फाइलिंग की नई तारीख
जो कारोबारी और प्रोफेशनल ऑडिट के दायरे में नहीं आते, वे अब 31 जुलाई की जगह 31 अगस्त तक ITR भर सकेंगे। यह नियम फाइनेंशियल ईयर 2025-26 से लागू होगा। हालांकि, सैलरीड लोग और ITR-1 व ITR-2 भरने वाले टैक्सपेयर्स को अभी भी 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करना होगा।

