Stock Market Crash: निवेशकों को लगी 3 लाख करोड़ की चपत, सेंसेक्स 800 अंक टूटा; 4 कारण जिनसे मार्केट में आई बिकवाली
Last Updated on February 19, 2026 16:44, PM by Pawan
हाइलाइट्स
- Stock Market Crash: तीन दिनों की तेजी के बाद बाजार में तेज गिरावट आई।
- सेंसेक्स 800 अंक और निफ्टी 25,600 के नीचे लुढ़क गया।
- आइए समझते हैं 4 बड़े कारण क्यों मार्केट में आई आज बिकवाली।
Stock Market Crash: शेयर मार्केट में गुरुवार का दिन निवेशकों को बहुत भारी पड़ रहा है। लगातार 3 सेशन की तेजी के बाद मार्केट ने यू-टर्न ले लिया है। सुबह हल्की तेजी से खुलने के बाद कुछ ही देर में बिकवाली का ऐसा दबाव बना कि सेंसेक्स 800 अंक तक टूट गया और निफ्टी भी 25,600 के नीचे तक आ गया। शेयर मार्केट की इस तेज गिरावट ने निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ रुपये का चूना लगााय है। वहीं, BSE कुल मार्केट कैप भी घटकर लगभग 469 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। ऐसे में आइए समझते हैं वो 4 बड़े कारण जिनसे आज शेयर बाजार में तेज बिकवाली आई है।
1. फेड ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ताजा बैठक के संकेतों ने ग्लोबल बाजारों में हलचल बढ़ा दी है। ब्याज दरों को लेकर नीति-निर्माताओं में मतभेद दिख रहे हैं। अगर अमेरिका में दरें ऊंची रहती हैं या कटौती टलती है, तो डॉलर एसेट ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। इसका मतलब है कि विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकाल सकते हैं। भारतीय बाजार में भी यही आशंका दिखी और विदेशी पूंजी की संभावित निकासी ने सेंटीमेंट पर दबाव बना दिया।
2. क्रूड ने लगाई मार्केट में आग
कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल ने भी बाजार को बेचैन कर दिया। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से सप्लाई बाधित होने का डर है। तेल महंगा होने का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है, महंगाई का दबाव लौट सकता है और रुपये पर भी असर पड़ सकता है। बाजार ने इन जोखिमों को पहले ही कीमतों में शामिल करना शुरू कर दिया।
3. जियो-पॉलिटिकल टेंशन
मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियां और रूस-यूक्रेन मोर्चे पर ठोस समाधान का अभाव, इन दोनों ने ग्लोबल निवेशकों को सतर्क बना दिया है। जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम भरे एसेट से दूरी बनाते हैं। यही कारण है कि भारतीय इक्विटी बाजार भी इस वैश्विक बेचैनी से अछूता नहीं रहा।
4. ऊपरी लेवल पर मुनाफावसूली
तीन सेशन की तेजी के बाद बाजार ऊंचे स्तरों पर पहुंच चुका था। ऐसे में थोड़ी सी नकारात्मक खबर भी मुनाफावसूली को ट्रिगर कर देती है। बैंकिंग, मेटल, ऑटो और एफएमसीजी जैसे वेटेज वाले सेक्टरों में बिकवाली ने गिरावट को और गहरा कर दिया। शुरुआती बढ़त टिक नहीं पाई और बिकवाली का सिलसिला तेज होता गया।
फिलहाल बाजार का मूड सतर्क है और नजरें ग्लोबल संकेतों पर टिकी हैं। तेल की चाल, फेड का रुख और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले दिनों की दिशा तय करेंगे। उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, लेकिन ऐसे दौर में मजबूत बैलेंस शीट और टिकाऊ ग्रोथ वाली कंपनियां लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर भी बनाती हैं।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। Stock market news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।
