SIP installment Missed: एसआईपी की एक किस्त छूटी, तो बिगड़ सकती है सालों की प्लानिंग, जानिए 5 अहम वजहें
SIP का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग है, जो आपकी निवेश राशि पर मिलने वाले ब्याज पर भी आगे रिटर्न जोड़ता है।
हाइलाइट्स
- बेहतर रिटर्न पाने और वित्तीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए SIP की नियमितता बनाए रखना बेहद जरूरी है.
- SIP नियमित रूप से जारी रहने पर कम्पाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है, जिससे आपकी जमा राशि समय के साथ तेजी से बढ़ती है.
- एसआईपी की एक किस्त का मिस होना आपके लंबी अवधि की फाइनेंशियल प्लानिंग को कैसे प्रभावित करती है।
आज के दौर में म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद तरीका बन चुका है SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। SIP नियमित रुप से थोड़ा-थोड़ा निवेश करके लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का एक असरदार माध्यम है. इसने आम वेतनभोगी से लेकर छोटे निवेशकों तक के लिए बाजार में कदम रखना आसान बना दिया है। हर महीने छोटी रकम लगाकर लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने की इसकी ताकत ने करोड़ों लोगों को निवेश की राह दिखाई है। लेकिन इस पूरी रणनीति की रीढ़ है नियमितता। जैसे ही यह टूटती है, आपके रिटर्न और वित्तीय लक्ष्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
कई बार लोग यह नहीं समझ पाते कि SIP की एक भी किस्त मिस करना उनके निवेश सफर को कितना नुकसान पहुंचा सकता है. SIP नियमित रूप से जारी रहने पर कम्पाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है, जिससे आपकी जमा राशि समय के साथ तेजी से बढ़ती है. साथ ही, रुपये की औसत लागत भी संतुलित रहती है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है. SIP मिस करने से न केवल आपकी निवेश योजना बाधित होती है, बल्कि आपके वित्तीय लक्ष्य भी प्रभावित हो सकते हैं.
बेहतर रिटर्न पाने और वित्तीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए SIP की नियमितता बनाए रखना बेहद जरूरी है. एसआईपी की एक किस्त का मिस होना आपके लंबी अवधि की फाइनेंशियल प्लानिंग को कैसे प्रभावित करती है। यहां दिए गए प्वाइंट्स में समझ सकते हैं
कंपाउंडिंग पावर कमजोर पड़ जाती है
SIP का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग है। यानी आपकी निवेश राशि पर मिलने वाले रिटर्न पर भी आगे रिटर्न मिलता है। नियमित निवेश से यही ताकत लंबे समय में आपकी छोटी-छोटी किस्तों को बड़े फंड में बदल देती है। लेकिन जैसे ही एक किस्त मिस होती है, इस बढ़त की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। उदाहरण के लिए, अगर आप 20 साल तक हर महीने 5,000 रुपये की SIP करते हैं और बीच में एक किस्त मिस कर देते हैं, तो 12% सालाना अनुमानित रिटर्न की स्थिति में आपको करीब 45,000 से 50,000 रुपये तक का संभावित नुकसान हो सकता है।
रुपये की औसत लागत का लाभ घट जाता है
SIP का दूसरा अहम लाभ है रुपये की औसत लागत (Rupee Cost Averaging)। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान आपकी तय रकम हर महीने निवेश होती रहती है। बाजार गिरने पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और चढ़ने पर कम। इससे औसत लागत संतुलित रहती है। लेकिन अगर गिरावट के समय आपने SIP मिस कर दी, तो कम कीमत पर यूनिट खरीदने का मौका हाथ से निकल जाता है और औसत लागत का फायदा कम हो जाता है।
वित्तीय लक्ष्यों पर पड़ता है असर
अधिकांश लोग SIP किसी खास लक्ष्य जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदना या लंबी अवधि में धन संचय के लिए शुरू करते हैं। एक-दो किस्त छूटने से लक्ष्य पूरा होने में देरी हो सकती है या अंत में मिलने वाली रकम कम हो सकती है। अगर हर साल एक किस्त छूटती है, तो 10 साल में आपका लगभग एक साल का निवेश कम हो जाता है, जिसका सीधा असर फाइनल कॉर्पस पर पड़ता है।
वित्तीय अनुशासन कमजोर होता है
SIP निवेश आपको नियमित बचत की आदत सिखाता है, ठीक वैसे ही जैसे EMI या बिजली-पानी का बिल भरना। लेकिन अगर SIP मिस करना आदत बन जाए, तो यह वित्तीय अनुशासन को कमजोर कर देता है। एक बार सिलसिला शुरू हो जाए तो निवेश की निरंतरता प्रभावित होती है और दीर्घकालिक लाभ कम हो सकता है।
ऑटो-डेबिट मांडेट हो सकता है रद्द
SIP मांडेट बैंक को दी गई वह अनुमति है, जिसके जरिए हर महीने तय तारीख पर राशि अपने आप खाते से कटती है। यदि बार-बार किस्तें फेल होती हैं या खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं रहता, तो बैंक या फंड हाउस मांडेट को रद्द कर सकता है। ऐसी स्थिति में आपकी निवेश योजना बाधित होती है और उसे दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया में समय और मेहनत दोनों लगते हैं। इसके अलावा, बार-बार पेमेंट फेल होने से आपकी वित्तीय विश्वसनीयता पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
अगर SIP मिस हो रही है तो क्या करें?
- जरूरत हो तो SIP की राशि थोड़ी कम कर दें — कई AMC यह सुविधा देती हैं।
- अस्थायी रूप से SIP रोक सकते हैं, लेकिन हालात सुधरते ही दोबारा शुरू करें।
- मौजूदा निवेश को बिना ठोस कारण के न निकालें।
- SIP मिस करना अंतिम विकल्प होना चाहिए, आदत नहीं।