Mutual Fund : सिर्फ सेविंग करना ही काफी नहीं निवेश भी है जरुरी, महिलाएं समझ लें ये 6 सीक्रेट

यहां 6 तरीके बताए गए हैं, जिनकी मदद से महिलाएं अपनी सेविंग का सही इस्तेमाल आत्मविश्वास के साथ कर सकती हैं। (Image Source : AI-generated from Microsoft Copilot))

हाइलाइट्स

  • सिर्फ बचत करना काफी नहीं, बल्कि निवेश की ओर कदम बढ़ाना भी उतना ही अहम है।
  • निवेश को लेकर ग्रामीण महिलाओं में एक अजीब तरह का डर हैं। कारण फाइनेंशियल लिटरेसी की कमी।
    आधी आबादी के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के मकसद से Franklin Templeton India ने खास मुहिम की शुरूआत की है।
  • आधी आबादी के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के मकसद से Franklin Templeton India ने खास मुहिम की शुरूआत की है।

 

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में वित्तीय साक्षरता यानी फाइनेंशियल लिटरेसी अभी भी बहुत कम है। चाहे कोई महिला शहरी इलाके में रहती हो या गांव में, जो उन्हें आम तौर पर जोड़ता है, वह है बचत। हममें से कई लोग अपनी माताओं को, जो ज़्यादातर गृहिणी होती थीं, थोड़े-थोड़े पैसे बचाते हुए देखते हुए बड़े हुए हैं, जो पति से मिलने वाले पैसों में से घर खर्च संभालने के लिए अलग रखती थीं।

अक्सर जो बचत घर में रखी रहती है, वह बढ़ती नहीं है। ऐसे में फाइनेंशियल लिटरेसी बहुत जरूरी हो जाती है। यह समझाना जरूरी है कि घर के किसी कोने में पड़ा पैसा अपने आप न तो बढ़ेगा, न दोगुना होगा और न ही उस पर ब्याज मिलने वाला है। ऐसे में निवेश के बुनियादी नियमों को समझना जरूरी है, ताकि पैसा बढ़ सके और वित्तीय भविष्य सुरक्षित और बेहतर हो सके।

देश की आर्थिक विकास प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया (Franklin Templeton India) ने पूरे देश में महिलाओं के लिए 30 दिन की जागरूकता मुहिम शुरू की है। यह अभियान कन्याकुमारी से कश्मीर तक चल रहा है और इसका लक्ष्य है ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को म्यूचुअल फंड्स और निवेश के महत्व के बारे में जानकारी देना है। नई दिल्ली में चेंज द सोच Change The Soch) मुहिम के तहत आयोजित इस चर्चा में यह बात सामने आई कि कई महिलाएं निवेश को लेकर अभी भी डर और हिचकिचाहट महसूस करती हैं।

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