Mutual Funds Amfi Data : इक्विटी म्यूचुअल फंड में फ्लेक्सी कैप बने पहली पसंद, ELSS का क्यों घटा रहा अट्रैक्शन
AMFI data January 2026 : जनवरी महीने के म्यूचुअल फंड का डेटा आ चुका है और AMFI का डेटा साफ बताता है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की कुल रफ्तार इस महीने थोड़ी धीमी पड़ी है। हालांकि, निवेशकों को फ्लैक्सीकैप फंड्स की आजादी काफी पसंद आ रह है और ये जनवरी 2026 में म्यूचुअल फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। वहीं, दूसरी तरफ टैक्स सेविंग स्कीम के रूप में काफी पॉपुलर ELSS फंड्स का क्रेज कम होता दिख रहा है। जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नेट इनफ्लो 14% गिरकर ₹24,028 करोड़ रह गया, जबकि ELSS फंड्स में ₹593 करोड़ का आउटफ्लो रिकॉर्ड किया गया।
फ्लेक्सीकैप फंड्स क्यों बन रहे हैं निवेशकों की पसंद?
फ्लेक्सी-कैप फंड्स की खासियत है कि ये लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में जरूरत के हिसाब से निवेश बदलते रहते हैं। इन्हें आजादी है कि ये हर मार्केट कैप में पैसा लगा सकते हैं और बाजार के माहौल के हिसाब से उसे घटा या बढ़ा सकते हैं, यानी एक कैटेगरी से दूसरी में स्विच कर सकते हैं। जनवरी 2026 में इसी फ्लेक्सिबिलिटी का फायदा साफ दिखा और फ्लेक्सीकैप फंड्स में ₹7,672 करोड़ का सबसे ज्यादा इनफ्लो आया।
ELSS का क्यों कम हो रहा है क्रेज?
ELSS फंड्स लंबे समय तक निवेशकों के बीच काफी पॉपुलर रहे हैं। इसमें सेक्शन 80C के तहत टैक्स सेविंग का ऑप्शन निवेशकों के काफी काम आता रहा, लेकिन New Tax Regime आने के बाद तस्वीर बदल गई है। नई टैक्स व्यवस्था में ज्यादातर डिडक्शन खत्म हो जाने से ELSS का सबसे बड़ा फायदा ही कमजोर पड़ गया। इसके अलावा, ELSS में तीन साल का लॉक-इन भी कई निवेशकों को अब खटकने लगा है, खासकर तब जब SIP, फ्लेक्सीकैप और इंडेक्स फंड्स जैसे विकल्प बिना लॉक-इन के उपलब्ध हैं।
इक्विटी में मिडकैप-स्मॉलकैप की रफ्तार धीमी
फ्लेक्सीकैप के बाद मिडकैप में ₹3,185 करोड़ और लार्ज-एंड-मिडकैप फंड्स में ₹3,181 करोड़ का इनफ्लो आया। हालांकि, महीने-दर-महीने आधार पर मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स में क्रमशः 24% और 23% की गिरावट दर्ज की गई। स्मॉलकैप फंड्स में इनफ्लो घटकर ₹2,942 करोड़ रह गया। ऊंचे वैल्यूएशन और मुनाफावसूली का असर यहां साफ नजर आया।
डेट और हाइब्रिड फंड्स में जोरदार वापसी
डेट फंड्स ने जनवरी में शानदार कमबैक किया और ₹74,827 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया। ओवरनाइट फंड्स सबसे आगे रहे, जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स में आउटफ्लो देखने को मिला। हाइब्रिड फंड्स में भी निवेश 61% बढ़कर ₹17,356 करोड़ पहुंच गया। खास बात यह रही कि मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स और आर्बिट्राज फंड्स निवेशकों की पसंद बने। आर्बिट्राज फंड्स में तो MoM आधार पर 2,500% से ज्यादा की छलांग देखने को मिली।
Gold ETF और पैसिव फंड्स का जलवा
अन्य स्कीम्स, जिनमें ETF और इंडेक्स फंड्स शामिल हैं, उनमें जनवरी में 50% की बढ़त के साथ ₹39,954 करोड़ का इनफ्लो आया। Gold ETF में ₹24,039 करोड़ का निवेश हुआ, जो 106% की मासिक बढ़त को दिखाता है। कुल मिलाकर ओपन-एंडेड स्कीम्स में इनफ्लो ₹1.56 लाख करोड़ रहा और AUM बढ़कर ₹80.76 लाख करोड़ पहुंच गया।