Copper Return : 1 साल में 36% मजबूत, 40% और रिटर्न की उम्मीद, कॉपर क्यों बन रहा है अगला सिल्वर
Copper Is Becoming the Next Silver Investment : पिछले कुछ महीनों में निवेश के लिहाज से अगर किसी एसेट क्लास की बहुत ज्यादा चर्चा हुई तो वह है सिल्वर यानी चांदी। चांदी में रैली अक्टूबर 2022 में शुरू हुई थी, जब इसका भाव उस समय 54,900 रुपये प्रति किलो था। अक्टूबर 2022 से लेकर जनवरी 2026 तक इसका भाव 665 फीसदी बढ़कर 4,20,000 रुपये के पार चला गया। जिसके बाद निवेशकों का फोकस कमोडिटी पर बढ़ना शुरू हुआ। गोल्ड के बाद जब चांदी भी बहुत महंगी हो गई तो निवेशकों ने कॉपर पर फोकस करना शुरू कर दिया है। अब कॉपर गोल्ड और सिल्वर का एक खास अल्टरनेटिव बनने लगा है।
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि 10 साल पहले की बात करें तो कमोडिटी में निवेश का मतलब सिर्फ गोल्ड यानी सोना हुआ करता था। कुछ लोग चांदी में भी निवेश करते थे। लेकिन पिछले कुछ सालों में चांदी भी निवेश के लिए पॉपुलर एसेट क्लास बनता गया।
कॉपर में कितना मिल सकता है रिटर्न
अजय केडिया का कहना है कि जब सोने में बेहतर रिटर्न आने लगा और वह महंगा हुआ तो लोगों का फोकस चांदी पर हुआ। अब चांदी जब अक्टूबर 2022 की तुलना में अभी भी 300 फीसदी ज्यादा महंगा हो चुकी है तो लोगों को अगला एसेट क्लास कॉपर दिखने लगा है। चांदी की ही तरह कॉपर का भी इंडस्ट्रियल इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है। इसलिए निवेशकों को कॉपर में उम्मीद दिख रही है।
कॉपर में हाल फिलहाल में कुछ गिरावट देखने को मिली है, लेकिन 1 साल का रिटर्न अभी भी 36 फीसदी है। अजय केडिया का कहना है कि साल 2026 में कॉपर 1500 रुपये का लेवल पार कर सकता है, जो करंंट प्राइस 1150 रुपये की तुलना में 40 फीसदी ज्यादा है।
क्यों आएगी तेजी
निवेशक अब चांदी का अल्टरनेटिव कॉपर को मानने लगे हैं।
चांदी महंगा होने से अब कई इंडस्ट्री अपने प्रोडक्ट बनाने में कॉपर का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं।
सोलर पैनल, चिप, सेमी कंडक्टर और एआई टूल्स बनाने में भी चांदी और कॉपर का इस्तेमाल होता है।
चीन की सोलर पैनल बनाने वाली कंपनी LONGI ने हाल ही में कहा कि वह चांदी की जगह अब कॉपर को अल्टरनेटिव के रूप में देखने लगी है।
यूएस और चीन जैसे देशों ने कॉपर को क्रिटिकल मेटल घोषित कर दिया है।
मार्केट में डिमांड ज्यादा है, जबकि कुछ माइंस के सुस्त पड़े होने से सप्लाई पर असर हो रहा है।
क्या हैं विकल्प
कॉपर से जुड़े स्टॉक
इंटरनेशनल ईटीएफ
फिजिकल कॉपर
डेरिवेटिव्स
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इस पर विचार एक्सपर्ट या ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दिए गए है। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।