मकान के डाउन पेमेंट के लिए पर्सनल लोन लेना

तकरीबन हर व्यक्ति का एक सपना जरूर होता है, की उनका अपना एक घर हो। पर मकानों की कीमतें इतनी ज्यादा हैं की अधिकतर लोगों को मकान खरीदने के लिए लोन लेना पड़ता है। परन्तु बैंक आपको आपकी खरीद राशि के 75 से 90% तक का लोन ही देते हैं। बची हुई राशि आपको अपनी जेब से देनी होती है। इसी को डाउन-पेमेंट (down-payment) कहते हैं|

मान लीजिये आप 30 लाख रुपये का घर खरीदते हैं, ऐसे में बैंक आपको 27 लाख से अधिक राशि का लोन नहीं देगा। बचे हुए 3 लाख रुपये का भुगतान आपको ही करना होगा।

अगर आपने पहले से ही समझदारी से निवेश किया है, तब तो आपने यह पैसा जमा कर लिया होगा। परन्तु अगर आपने ऐसा नहीं किया है, तब आपके पास कुछ इस तरह के विकल्प होते है।

1. आपने किसी तरह का निवेश किया हुआ हो तो, आप उसे बेचकर पैसा इकट्ठा कर सकते हो।

2. आप चाहे तो गोल्ड लोन, प्रॉपर्टी लोन, म्यूच्यूअल लोन इत्यादि ले सकते हैं।

3. आप अपने परिवारजन या मित्र से कुछ समय के लिए उधार ले सकते हैं।

4. प्रोविडेंट फण्ड से लोन ले सकते है।

5. अपने एम्प्लायर से लोन ले सकते हैं।

अगर आपको इन तरीको से पैसा नही मिल पाता है तो आपके पास सिर्फ एक ही रास्ता बचता है। और वो है बैंक से लोन लेने का।

बैंक इसके लिए आपको पर्सनल लोन दे सकता है। पर में आपको बता देता हूँ कि पर्सनल लोन एक असुरक्षित लोन हैं। पर यह लोन आसानी से ओर जल्दी मिल जाता है। और इस लोन के लिए आपको किसी भी प्रकार की सेक्युरिटी भी नही देनी पड़ती है।

क्या आपको होम लोन डाउन-पेमेंट के लिए पर्सनल लोन लेना सही है या नही।


1. अगर आप डाउन पेमेंट (Down payment) के लिए पर्सनल लोन लेते है। और उसके बाद मकान के लिए होम लोन भी लेते हो। तो आप पर दो लोन का भार आ जायेगा। अब आप पहले ही सोच ले कि आप दो लोन को चुका पाओगे या फिर नही।

2. आपकी होम लोन की अधिकतम सीमा दो बातों पर निर्भर करती है।
(A) मकान का मूल्य
(B) आपकी लोन चुकाने की क्षमता

अगर यह सीमा मकान के मूल्य की वजह से है (और आपकी लोन चुकाने की क्षमता अधिक है), तब तो आप शायद दो लोन का भुगतान कर देंगे। उदहारण: आप लोन तो 50 लाख का चुका सकते हो, परन्तु मकान की कीमत 30 लाख होने की वजह से आपको 27 लाख से अधिक का लोन नहीं मिला सकता है। ऐसी स्थिति में आप होम लोन के साथ-साथ पर्सनल लोन भी ले लो। आपकी क्षमता ज्यादा है तो आपको पर्सनल लोन इतना ज्यादा परेशान नहीं करेगा। आप दोनों तरह के लोन ले सकते हो।

3. परन्तु अगर आपकी लोन चुकाने की क्षमता कम है। तो आपके साथ कुछ ऐसी स्थिति होगी। मान लिए मकान की कीमत 40 लाख रुपये है, परन्तु आपकी लोन चुकाने की क्षमता केवल 30 लाख रुपये की है| ऐसे में बैंक आपको 30 लाख से अधिक राशि का लोन नहीं देगा| अब अगर आप किसी तरह 5 से 10 लाख का पर्सनल लोन ले लेते हैं, तो उसे चुकायेंगे कैसे। ऐसी स्तिथि में बहुत समस्या हो सकती है।

4. पर्सनल लोन की ब्याज दर भी काफी अधिक होती है। इससे पर्सनल लोन की emi बढ़ जायेगी।

5. अगर आप मकान के डाउन-पेमेंट के लिए पर्सनल लोन लेते हैं, तो उसके भुगतान पर भी आपको कुछ टैक्स बेनिफिट मिलते हैंब्याज के भुगतान के लिए सेक्शन 24 के तहत 2 लाख रुपुए तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है। मूल भुगतान राशि के लिए कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता।

आपको क्या करना चाहिए?

अगर आप होम लोन के साथ कोई दूसरा लोन भी लेना चाहते हो तो, मेरे हिसाब से आपको होम लोन के डाउन-पेमेंट के लिए कोई भी लोन लेने से बचें। आपको लोन की ईएमआई के भुगतान में परेशानी हो सकती है। ओर इससे आपका मासिक बजट भी प्रभावित होगा। केवल पर्सनल लोन ही नहीं, आप होम लोन के साथ दूसरे तरह के लोन जैसे गोल्ड लोन, प्रॉपर्टी लोन इत्यादि भी लेने से बचे। क्योकि अगर आप दो लोन लोगे तो आप पर emi का डबल भार हो जाएगा। और अगर आपकी कमाई अच्छी है, ओर आपकी क्षमता है। तो आप दो लोन भी ले सकते हो।

वैसे अगर आप घर लेने की सोच रहे हैं, तो अभी से डाउन-पेमेंट के लिए पैसा जमा करना शुरू कर दें। आप हर महीने कुछ पैसा निकाल कर फिक्स्ड डिपाजिट (FD), रेकरिंग डिपाजिट, लिक्विड फण्ड में डाल सकते हैं। जिससे आपको मकान लेते समय कोई प्रॉब्लम ना आये। और आप फिर होम लोन ले सकते हो जिससे आपको अपना मकान खरीदने में कोई परेशानी नही होगी। सबकुछ निर्भर करेगा आपकी समझदारी पर।

Updated: 26/07/2019 — 5:38 pm

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