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क्रेडिट स्कोर क्या है और इसे कैसे सुधारे सिबिल स्कोर की जानकारी

सिबिल स्कोर : कई लोग हे जो क्रेडिट स्कोर के बारे में नही जानते है। पर क्रेडिट स्कोर आपकी लोन मिलने की संभावना को प्रभावित करता है। सरल भाषा में क्रेडिट स्कोर आपका बैंकिंग इतिहास है और आपका बैंक के साथ व्यवहार किस तरह का हे। जब आपका खाता किसी बैंक में हे। अब आप अपने खाते को किस तरह मेंटेन करते हो। यह सब कुछ क्रेडिट स्कोर में जुड़ता है। और अगर आपका क्रेडिट स्कोर जितना ज्यादा होगा उतना ही ज्यादा आपको लोन मिलने की संभावना बढ़ जायेगी। आप इसे क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर भी कह सकते हो।

सिबिल स्कोर क्या है

यह एक क्रेडिट इनफार्मेशन कंपनी हे। जो आपके बैंकिंग रिकॉर्ड रखता है। आपका खाता कितने भी बैंक में हो यह कम्पनी हर तरह का रिकॉर्ड रखती है। जैसे आपने पहले जब भी कोई लोन (होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड लोन इत्यादि) लिया है, उस लोन को आपने सही समय पर लौटाया है या नहीं| यह सब रिकॉर्ड यहां रखा जाता है। भारत में ऐसी कई कंपनी हैं। इनमें से प्रमुख हैं:

1. CIBIL
2. Experian Credit Information Co. Of India Pvt. Ltd
3. Equifax Credit Information Services

यह सभी कम्पनिया आपका पूरा बैंकिंग रिकॉर्ड रखती है। जब भी आप किसी बैंक में लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हो तो सबसे पहले बैंक इन्ही कम्पनियो से आपका रिकॉर्ड लेता है और आपका क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर चेक करता है। पहले ऐसा नही होता था। पर अब बैंक क्रेडिट स्कोर को भी महत्व देते है। पर जरूरी नही है कि अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम हो तो आपको लोन नही मिलेगा। बैंक सिर्फ इसका उपयोग आपकी क्षमता को देखने के लिए करते हे। बाकि का फैसला बैंक मैनेजर व कर्मचारी करते हे। की आपको लोन देना हे या नही। पर आप फिर भी सिबिल स्कोर को अच्छा बना कर रखे। ताकि आपको कोई प्रॉब्लम ना आये।

सिबिल स्कोर से आपके लोन पर क्या असर पड़ता है

क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच में होता है। जितना ज्यादा है, उतना अच्छा है। बैंक लोन देने के लिए सिर्फ सिबिल स्कोर को आपको परखने के लिए इस्तेमाल करते हे। बैंक इसके अलावा भी और चीज़े भी देखते है। जैसे आप एक साल में कितना पैसा कमाते हो। आप Loan की emi लोटा पाओगे या नही।

क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाये

हर क्रेडिट ब्यूरो कम्पनी का आपका क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करने का अलग तरीका होता है और इसीलिए आपका क्रेडिट स्कोर हर कंपनी के अनुसार अलग – अलग हो सकता है। कोई भी कम्पनी यह बात नही बताती है की वो किस तरह क्रेडिट स्कोर को केलकुलेट करते हे। पर फिर भी हम बैंकिंग से सम्बंधित कुछ बाते बता रहे जिसका आपको ध्यान रखना चाहिए।

1. आप अपने खाते में न्यूनतम राशि से ज्यादा पैसे रखे।

2. खाते से आप पैसे भी निकाले और जमा भी करवाये ताकि जिससे आपकी निरंतरता बनी रहे। और बैंक आपको उदासीन ना समझे।

3. अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड हे तो आप उसका बिल समय के अंदर भरे। अगर आप टाइम खत्म हो जाने के बाद अपना क्रेडिट कार्ड का बिल भरते हो तो आपको पेनल्टी तो देनी पड़ेगी और साथ में यह आपके क्रेडिट स्कोर को कम भी करेगा। बैंक को लगेगा कि आप लापरवाह हे। जो की सही नही है।

4. अगर आपने पहले से असंरक्षित लोन्स जैसे पसर्नल लोन और क्रेडिट कार्डस। कई लोग अलग – अलग बैंको से क्रेडिट कार्ड लेकर रखते है। यह सब आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर डालते है।

5. बैंक में जब आप किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी लेकर उसको लोन दिलाने के लिए आप गारंटर बनते हो। और वो व्यक्ति लोन चुकाने में लापरवाही करता है तो उसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है।

6. अगर आपने हाल ही में बहुत ज्यादा खाते खोले हे या बहुत ज्यादा क्रेडिट कार्ड लिए हे तो यह इशारा करता है कि आपको ऋण की बहुत ज्यादा जरूरत है। और आप पर पहले से ही कर्जा हे। जो की सही नही है।

7. आपको जितने भी भुगतान करने हो वो समय पर करे इस बात को सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

8. अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हो तो आप जानते होंगे की आपके कार्ड में एक क्रेडिट लिमिट होती है| इसका मतलब आप उस क्रेडिट कार्ड पर अधिकतम इतना खर्चा कर सकते हो। अगर आप उस लिमिट से ज्यादा खर्च कर देते हो तो इसका आपके सिबिल स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

9. अगर आप अपना हर काम लोन और क्रेडिट कार्ड से करते हो तो ध्यान रखे की आपके संरक्षित लोन और असंरक्षित लोन में संतुलन रहना चाहिए। अगर आपका असंरक्षित लोन संरक्षित लोन से ज्यादा हो जाता है तो यह सही नही रहेगा। इसका मतलब आप पर असंरक्षित लोन का बहुत ज्यादा कर्जा हे।
Note:-
असंरक्षित लोन = पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड
संरक्षित लोन = होम लोन, ऑटो लोन

किन बातों से आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई फर्क नही पड़ता है।

आपने कितनी पढ़ाई की हे, आपका लिंग क्या है, आपकी जाती और धर्म क्या है। इस तरह की बातों का आपके स्कोर पर कोई फर्क नही पड़ता है

आपने अपने सेविंग्स अकाउंट (बचत खाता), फिक्स्ड डिपाजिट, इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस में कुछ भी किया हो, इस बात से भी कोई क्रेडिट स्कोर पर कोई फर्क नहीं पड़ता हे।

सिबिल स्कोर केवल आपके ऋण के प्रति व्यवहार (Credit behaviour) पर निर्भर करता है। और किसी भी बात पर नहीं। इसलिए आप गलतफहमियों से बचे।

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क्रेडिट रिपोर्ट में किस तरह की जानकारी होती है

आप भी क्रेडिट ब्यूरो से अपनी जानकारी ले सकते हो और पता कर सकते हो की आपका क्रेडिट स्कोर क्या है।

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में मुख्यतः 5 प्रकार की जानकारी होती है|

(A) आपका क्रेडिट या सिबिल स्कोर
(B) आपकी पूरी जानकारी जैसे आपका नाम, पेन कार्ड नम्बर, पासपोर्ट नम्बर, आपका मोबाइल नम्बर और आपका पता।
(C) सिबिल स्कोर में आपकी आय का स्त्रोत भी होता है। मतलब आप क्या काम करते हो।
(D) इसमें आपके सभी खातों की जानकारी भी होती है। जैसे आपके कोन – कोन से बैंक में खाते है। आपने अबतक कब – कब लोन लिया है। आपके किन खातों में कितनी राशि हे। यह खाते कब खुलवाये गए है।

अब आप सोच रहे होंगे की इतनी जानकारी इन कम्पनियो को कैसे पता चलती है। कम्पनिया बैंको से इस तरह की जानकारी लेकर एक रिकॉर्ड तैयार करते हे। और वो उसी जानकारी का उपयोग करते हे। जो आप बैंक में लोन लेते समय देते हो।

लोन लेने के लिए क्रेडिट स्कोर कितना होना चाहिए

अब आपको पता चल ही गया होगा की क्रेडिट और सिबिल स्कोर क्या है। अगर अब भी आपके मन में कोई दुविधा हे तो हमे कमेंट करे।
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Updated: 25/02/2018 — 7:02 pm

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