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खाते कितने प्रकार के होते है

भारत में कई प्रकार के व्यकित रहते है। सबकी आर्थिक स्थति अलग अलग होती है। वह अपनी आर्थिक स्थति को देखकर बैंक खाता खुलवाते है। आज हम बैंक में खाते कितने प्रकार के होते है। इन खातों के फायदे और नुकसान सभी बता रहे है। आप इस जानकारी को पढ़कर अपना बैंक खाता खुलवाने में आसानी होयेगी। इसलिए इस पोस्ट में हम बचत खातों, चालू खातों और सावधि जमा खातों के बारे में पढेंगे।

बैंक खाते के प्रकार

  • बचत खाता
  • चालू खाता
  • सावधि जमा खाता mnआवर्ती जमा खाता
  • नो-फ़्रिल अकाउंट या बुनियादी बचत खाता

बचत खाता

बैंक हमे कई खाते का ऑफर करती है। जिनमे से सबसे ज्यादा बचत खाते को ही चुनते है। वर्तमान में सबसे ज्यादा खाते बचत खाते ही है। क्योंकि एक एक साधारण खाता होता है। इस खाते में हमे वो सब सुविधाएं मिल जाती है जो हम पसन्द करते है। इस खाते में नेट बैंकिंग, एटीएम कार्ड, चेक, इंटरेस्ट रेट इन सभी की सुविधा उपलब्ध होती है। इस प्रकार के खाते ने कई पाबंदी भी होती है। जिसका हमे पालन करना होता है। यदि पालन नही करते हे तो बैंक हमसे चार्ज लेती है। खाते कितने प्रकार के होते है

  1. बचत खाते में किसी भी सरकारी या निजी बैंक में न्यूनतम रुपये जमा करके खुलाया जा सकता है। यह न्यूनतम जमा राशि हर बैंक में अलग अलग होते है।
  2. बचत खाते पैसे निकलने के लिए खाता धारक बैंक में निकासी फॉर्म, चेक, एटीएम कार्ड का उपयोग करके निकाल सकता है। bank khate ke parkar
  3. इस खाते का खास मकसद यह है कि धन की बचत करना। इसलिए इस खाते का नाम बचत खाता है। इसे इंग्लिश में सेविंग अकाउंट कहते है।
  4. सेविंग अकाउंट में हमे कई चार्ज देने होते है। जैसे एटीएम चार्ज, sms चार्ज, सिमा से अधिक बार रूपये निकालने पर चार्ज। इसमें कई चार्ज होते है।
  5. इस प्रकार के खाते में बहुत कम ब्याज मिलता है। अधिकतर बैंक 4 प्रतिशत का ब्याज देती है।

चालू खाता

इस खाते में रूपये की लेन देन में कोई पाबंदी नही होती है। इसमें लेन देन हमेशा चालू रहती है। इसलिए इस खाते को चालू खाता कहते है।चालू खाते को बड़े व्यवसायी, कंपनियों और संस्थान जैसे स्कूल, कॉलेज आदि इस प्रकार के खाते को खुलाते है। क्योंकि इन्हें प्रतिदिन कई रुपये का लेन देन की जरूरत होती है। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंक खाता धारकों को उनकी जमा राशि से अधिक की निकासी की सुविधा भी देता है इसको ओवरड्राफ्ट सुविधा के रूप में जाना जाता है। इस चालू खाते (chalu khata) को इंग्लिश में करंट अकाउंट कहते है।

यह चालू खाते के भी दो प्रकार है।
1. Fixed Installment
2. Flexible Installment

1. Fixed Installment – इस खाते ने आपको हर महीने एक निश्चित राशी को जमा करानी होती है। यदि समय पर नही कराते हे तो उस राशि सहित पेनल्टी देनी होती है।
2. Flexible Installment – इस खाते ने आपको हर महीने एक निश्चित राशी को जमा कराने की जरूरत नही होती है। आपके पास जैसे पैसे आये वो इस खाते में जमा करा सकते है।

इस चालू खाते bank जमा रुपये ब्याज नही देता है।
चालू खाते में कितने रुपये की भी रुपये की लेन देन कर सकते है।
सभी बैंक के पास चालु खाते की सुविधा होती है।
यदि आप बचत के लिए अकाउंट खुलवा रहे हो तो आपको चालू खाता नही खुलाना चाहिए

सावधि जमा खाता या मियादी जमा खाता (Fixed Deposit Account or Term Deposit Account)

सावधि जमा खाता को इंग्लिश ने फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट कहते है। इस अकाउंट को वो खुलवाते हे जिनके पास बहुत ही ज्यादा मात्रा में धन होता है। यह खाता वह खुलाते है। इस प्रकार के खाते में एक निश्चत समय के रुपये जमा करा देते है। समय पूरा होने पर ही आपको मूलधन सहित ब्याज की राशि मिलती है। इस खाते में ब्याज बहुत ही ज्यादा मिलता है। बचत खाते में 3 से 4 प्रतिशत का ब्याज मिलता है तो इस सावधि जमा खाते में 7 से 8 प्रतिशत का ब्याज मिलता है। bank account kitne prakar ke hotel hai
यदि आपको समय से पहले इस अकाउंट में से रुपये निकालते हो तो बैंक कुछ चार्ज लगाकर आपको आपका पैसे वापिस दे देती है। इसमें वह ब्याज नही मिलता है। जो सम्पूर्ण होने पर मिलना था।
फिक्स्ड खाते को 1 से 10 के लिए खुला सकते हो। इस खाते को जितना लम्बे समय के लिए खुलाते हो ब्याज उतना ज्यादा मिलता है।
जो लोग शेयर बाजार के रिस्क को झेलना नही चाहते हैं उनके लिए यह बैंक खाता बहुत ही अच्छा है।

आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account)

यह खाता ज्यादातर वो खुलाते हे जिंनकी आय एक फिक्स होती है। जिनको महीने से वेतन मिलता हो और वो बचत खाते से ज्यादा ब्याज भी लेना चाहते है तो यह आवर्ती जमा खाता उनके लिए है। इस प्रकार के खाते में 1 से 5 साल के लिए एक निश्चित राशि जमा करनी पड़ती है। जिसे समय पूर्ण हो जाने पर वंक ब्याज सहित रुपये लोटा देती है। यदि बिच में राशि निकालनी हे तो पूर्ण फायदा नही मिलता है।
इस प्रकार के खातों में जमा राशि पर ब्याज की दर बचत जमा से अधिक, लेकिन सावधि जमा की दर से कम होती है। इसे इंग्लिश में rd भी कहते है।

बुनियादी बचत खाता

बुनियादी बचत खाता को नो फ्रिल खाता भी कहते है। नो फ्रिल खाताशुरुआत रिज़र्व बैंक ने 2005 में समाज गरीब लोगों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की थी। इस प्रकार के खातों को बिना रुपये जमा किये खुलवाया जाता सकता है। इसमें न्यूनतम बैलेंस बनाये रखने की जरूरत नही होती है।
इस खाते में महीने में 4 बार रुपये निकालने की अनुमति देता है। प्रधानमंत्री जन धन योजना का बैंक अकाउंट भी ऐसा ही खाता है। बैंक खाते कितने प्रकार के होते है
बैंक खाते के प्रकार Bank khate ke parkar की जानकारी कैसी लगी। अगर आपको इन बैंक के खाते के बारे में कुछ और ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है तो आप हमें कमेंट करे।

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