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देश में सस्ती हो सकती है डायबिटीज की दवा, दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश बनेगा वजह

देश में सस्ती हो सकती है डायबिटीज की दवा, दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश बनेगा वजह

हाइलाइट्स

  • नवंबर में अदालत ने एस्ट्राजेनेका के उस आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें कुछ जेनेरिक कंपनियों द्वारा एंटी डायबिटीज दवा की मार्केटिंग के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश देने की मांग की गई थी।
  • इन कंपनियों में इंटास, अल्केम, जाइडस, एरिस लाइफसाइंसेज, यूएसवी, टोरेंट, एमएसएन, माइक्रो लैब्स और अजंता आदि शामिल हैं।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग एक दर्जन कंपनियां प्रतिस्पर्धी कीमतों पर जेनेरिक वर्जन्स लॉन्च कर रही हैं।

मुंबई
डायबिटीज (Diabetes) के इलाज की लागत में कमी आने की उम्मीद है। इसकी वजह है कि दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) की एक अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें डायबिटीज की एक ब्लॉकबस्टर दवा के जेनेरिक वर्जन्स पर रोक लगाने की मांग की गई थी। एस्ट्राजेनेका, दवा को कवर करने वाले पेटेंट के उल्लंघन के लिए कई घरेलू कंपनियों पर मुकदमा भी कर रही थी। उच्च न्यायालय के आदेश ने घरेलू कंपनियों द्वारा जल्द ही बाजार में ब्लॉकबस्टर एंटी डायबिटीज दवा डापाग्लिफ्लोजिन (Dapagliflozin) के अधिक किफायती वर्जन्स को लाने का का मार्ग प्रशस्त किया है।

20 जुलाई को एक फैसले में, दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एस्ट्राजेनेका की अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कोर्ट को दो पेटेंटों पर पिछले साल दिए गए पुराने आदेशों में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं मिला। नवंबर में अदालत ने एस्ट्राजेनेका के उस आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें कुछ जेनेरिक कंपनियों द्वारा एंटी डायबिटीज दवा की मार्केटिंग के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश देने की मांग की गई थी। इन कंपनियों में इंटास, अल्केम, जाइडस, एरिस लाइफसाइंसेज, यूएसवी, टोरेंट, एमएसएन, माइक्रो लैब्स और अजंता आदि शामिल हैं।

एक दर्जन कंपनियां प्रतिस्पर्धी कीमतों पर ला रहीं जेनेरिक वर्जन्स
विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग एक दर्जन कंपनियां प्रतिस्पर्धी कीमतों पर जेनेरिक वर्जन्स लॉन्च कर रही हैं। इसलिए दवा कंपनियों के बीच लगातार बढ़ रहे 15000 करोड़ रुपये के डायबिटीज मार्केट में हिस्सेदारी पाने के लिए प्राइस वॉर को लेकर स्टेज तैयार हो चुका है। कानूनी विशेषज्ञों ने टीओआई को बताया कि AstraZeneca के पास देश में Dapagliflozin के लिए दो पेटेंट हैं- पहला (IN 147) पिछले साल अक्टूबर में समाप्त हो गया, जबकि दूसरा (IN 625) मई 2023 में समाप्त हो जाएगा। सीधे शब्दों में कहें तो दूसरे पेटेंट में आविष्कारशील योग्यता नहीं पाई गई थी, जो पहले पेटेंट मौजूद थी। AstraZeneca की Dapagliflozin को Forxiga ब्रांड के तहत बेचा जाता है और यह SGLT2 इनहिबिटर नामक दवाओं के एक लोकप्रिय वर्ग का हिस्सा है, जिसकी कीमत लगभग 5,000 करोड़ रुपये है।

पेटेंट कानून में एक ऐतिहासिक निर्णय
जेनेरिक कंपनियों के पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले एस मजूमदार ने कहा, “यह पेटेंट कानून में एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो डबल पेटेंटिंग से बचने की आवश्यकता को पहचानता है। इस मामले में इसका डायबिटीज रोगियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि Dapagliflozin के लिए एस्ट्राजेनेका के पहले पेटेंट के एक्सपायर हो जाने के बाद विभिन्न जेनेरिक कंपनियां प्रतिस्पर्धी कीमतों पर दवा उपलब्ध कराने में सक्षम हैं।

पीठ ने कहा, “हम कम से कम इस स्तर पर, अपीलकर्ताओं/वादी की पूर्वोक्त दलीलों के सामने, आईएन 147 और आईएन 625 के बीच कोई अंतर खोजने में असमर्थ हैं। हमारी राय में, एक आविष्कार के संबंध में केवल एक ही पेटेंट हो सकता है। यहां अपीलकर्ता/वादी केवल एक आविष्कार का दावा करते हुए दो पेटेंट का दावा कर रहे हैं और दोनों का ही उल्लंघन रिस्पोंडेंट द्वारा किए जाने की बात कही जा रही है। एस्ट्राजेनेका पर जुर्माना लगाते हुए आदेश में कहा गया है, “इस प्रकार अपीलों में कोई योग्यता नहीं है, इसलिए इन्हें खारिज कर दिया गया है। कोर्ट ने एस्ट्राजेनेका पर कुल 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

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