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Share Market Tips : टाटा मोटर्स के शेयरों में निवेश से हो सकती है तगड़ी कमाई

Share Market Tips : टाटा मोटर्स के शेयरों में निवेश से हो सकती है तगड़ी कमाई

हाइलाइट्स

  • 20 विश्लेषकों (analysts) ने टाटा मोटर्स के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है।
  • टाटा मोटर्स (Tata Motors) के शेयरों का प्रदर्शन इस साल थोड़ा कमजोर रहा है।
  • कंपनी के उत्पादन पर चिप की कमी (Scarcity of chips) का बहुत असर पड़ा है।

टाटा मोटर्स (Tata Motors) की बुनियादी स्थिति में मजबूती आई है। इससे 2020 में कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा। हालांकि, 2021 में शेयरों का प्रदर्शन शेयर बाजार (Share Market) के प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले कमजोर रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि सेमी-कंडक्टर चिप (Semi conductor chip) की कमी का बड़ा असर जेएलआर के उत्पादन पर पड़ रहा है।

वित्त वर्ष 2020-21 की पहली पहली तिमाही में जेएलआर (JLR) का उत्पादन करीब 30,000 यूनिट्स कम रहा। यह इस तिमाही कंपनी की सामान्य उत्पादन क्षमता के मुकाबले करीब 27 फीसदी कम है। इसकी वजह सेमीकंडक्टर की कम सप्लाई है। टाटा मोटर्स को दूसरी तिमाही में हालात और खराब होने का डर है। इस दौरान उत्पादन 50 फीसदी तक घट सकता है। इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से उत्पादन में सुधार आएगा। कंपनी को फ्री कैश फ्लो (FCF) भी निगेटिव रहने की आशंका है।

 

विश्लेषकों का कहना है कि टाटा मोटर्स के शेयरों में कमजोरी इसमें निवेश का अच्छा मौका है। लंबी अवधि के लिहाज से इस शेयर में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है। इसकी कई वजहें हैं। पहला, चिप की कमी पूरी इंडस्ट्री में देखने को मिल रही है। बीएमडब्ल्यू (BMW) और डैमलर (Daimler) भी चिप की कमी का सामना कर रही हैं। इसलिए चिप की कमी की समस्या जल्द खत्म होने की उम्मीद है।

टाटा मोटर्स यह कोशिश कर रही है कि चिप की कमी का असर उसके मार्जिन (Margin) पर कम से कम हो। यही वजह है कि जेएलआर (JLR) अभी उपलब्ध चिप का इस्तेमाल सिर्फ ज्यादा मार्जिन वाले मॉडल में कर रही है। दूसरा, रिटले डिमांड मजबूत बनी हुई है। इससे बड़ी संख्या में ऑर्डर इकट्ठा हो रहे हैं। अभी कंपनी के पास एक लाख से ज्यादा यूनिट्स के ऑर्डर आ चुके हैं। यह कंपनी के इतिहास में सबसे ज्यादा है।

चिप की कमी दूर होते ही कंपनी की बिक्री में उछाल आएगा। यही वजह है कि विश्लेषक (Analysts) वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी की कमाई के अनुमान में कोई परिवर्तन नहीं कर रहे हैं। कोरोना की महामारी के कमजोर पड़ने के बाद इकोनॉमिक रिकवरी देखने को मिलेगी। इससे टाटा मोटर्स जैसी भारी वाहन बनाने वाली कंपनियों को बड़ा फायदा होगा।

साइक्लिकल रिकवरी (Cyclical recovery) के अलावा टाटा मोटर्स का शेयर लंबी अवधि के बहुत अच्छा दांव दिख रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 तक अपने कर्ज (debt) को घटाकर शून्य करने का प्लान बनाया है। अभी कंपनी पर 41,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। जेएलआर की वित्तीय स्थिति में सुधार की वजह यह है कि इसने अपना फोकस वॉल्यूम से हटाकर मुनाफे पर रखा है। वह लगात में कमी लाने की भी कोशिश कर रही है।

जेएलआर ने अपने सभी मॉडल को 2025 तक इलेक्ट्रिक (Electric) बनाने का लक्ष्य रखा है। 20 विश्लेषकों ने कंपनी के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। 5 विश्लेषकों ने इसे बेचने और 7 ने इसे अपने पास बनाए रखने की सलाह दी है। टाटा मोटर्स के शेयर सोमवार को 0.69 फीसदी की कमजोरी के साथ 309.10 रुपये पर बंद हुए।

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