Bihar Naxal Free: ‘नक्सल मुक्त’ हुआ बिहार! मुंगेर में ₹3 लाख के इनामी आखिरी हथियारबंद माओवादी ने किया सरेंडर

Bihar Naxal Free: बिहार अब ‘नक्सल मुक्त’ घोषित हो गया है। जी हां, बिहार पुलिस ने गुरुवार (19 फरवरी) को दावा किया कि तीन लाख रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम के आत्मसमर्पण के साथ राज्य ‘नक्सल मुक्त’ हो गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कोड़ा पर कम से कम 60 मामले दर्ज थे। इनमें से कई सख्त अनलॉफुल एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत दर्ज किए गए थे।

बयान में कहा गया है कि कोड़ा ने तीन असॉल्ट राइफल, सैकड़ों कारतूस और मैगजीन के अलावा कुछ नकदी के साथ बुधवार (18 फरवरी) को मुंगेर जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार, सरेंडर करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए संचालित ‘आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना’ के तहत कोड़ा को भी लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

इस योजना के तहत कोड़ा पर घोषित इनाम राशि (तीन लाख रुपये) के अलावा पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और 36 महीनों तक वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए प्रतिमाह 10,000 रुपये का वजीफा दिया जाएगा। बयान में आगे कहा गया है, “कोड़ा के आत्मसमर्पण के साथ बिहार में नक्सली नेटवर्क का पूरी तरह सफाया हो गया है और पूरा राज्य नक्सल-मुक्त हो गया है।” पुलिस का दावा है कि हथियारबंद माओवादी सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम बिहार के आखिरी नक्सली थी।

मुंगेर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DIG) राकेश कुमार ने कहा कि नक्सलवाद से पहले प्रभावित 23 जिलों में से किसी में भी अभी कोई हथियारबंद नक्सली दस्ता सक्रिय नहीं है। मुंगेर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) निखिल धनराज निप्पनिकर ने कहा कि केंद्र सरकार की सरेंडर और पुनर्वास पॉलिसी के तहत सुरेश कोड़ा को जल्द ही तय फायदे दिए जाएंगे।

इस बीच, सुरेश कोड़ा की पत्नी प्रमिला देवी ने उनके सरेंडर करने के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि अब परिवार में राहत और खुशी का माहौल है। 2012 में बिहार के 23 जिले नक्सल गतिविधियों से प्रभावित थे। 1970 के दशक में राज्य में नक्सलियों का असर काफी बढ़ गया था।

मध्य बिहार के जिले सबसे ज्यादा नक्सल आतंकवाद से प्रभावित थे। केंद्र और राज्य सरकारों की लगातार कोशिशों की वजह से 2025 में एक भी नक्सली घटना की खबर नहीं आई। उसी साल 220 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जो राज्य में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ी कामयाबी है।

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