भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को महाराष्ट्र राज्य से ब्याज और पेनल्टी के साथ 480 करोड़ रुपये का GST भरने का आदेश मिला है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि यह टैक्स वित्त वर्ष 2020-21 के लिए है। कुल अमाउंट में 242,23,06,117 रुपये का GST, 213,43,32,150 रुपये का ब्याज और 24,22,33,539 रुपये का जुर्माना शामिल है। राज्य की ओर से LIC से इतने बड़े अमाउंट की डिमांड किए जाने के पीछे इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत फायदा उठाया जाना और उसके कम रिवर्सल, लेट पेमेंट्स पर ब्याज, टैक्स देनदारी के कम भुगतान को कारण बताया गया है।
LIC का कहना है कि आदेश को जॉइंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स (अपील्स), मुंबई के समक्ष चुनौती दी जा सकती है। इससे पहले 26 फरवरी और 24 फरवरी को भी LIC ने शेयर बाजारों को बताया था कि उसे मणिपुर और दिल्ली से GST डिमांड ऑर्डर मिले हैं। मणिपुर से वित्त वर्ष 2017-18 से लेकर 2018-19 तक के लिए 2,22,13,292 रुपये का GST, उस पर लागू ब्याज और 2,22,13,292 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश है। यह आदेश टैक्स के कम पेमेंट और इनपुट टैक्स क्रेडिट के अत्यधिक अवेलमेंट के चलते जारी किया गया है।
वहीं दिल्ली से GST डिमांड ऑर्डर वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जारी हुआ है। इसमें 31,04,35,201 रुपये के GST, 23,13,21,002 रुपये के ब्याज और 3,10,43,519 रुपये के जुर्माने की मांग की गई है। कारण इनपुट टैक्स क्रेडिट का अत्यधिक अवेलमेंट बताया गया है।
27 फरवरी को बीएसई पर LIC का शेयर 2 प्रतिशत टूटकर 741.10 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 4.68 लाख करोड़ रुपये है। शेयर इस साल अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। 6 महीनों में यह 30 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़का है।
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