PVR-INOX News: सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले लंबे विज्ञापन दिखाना PVR-INOX को भारी पड़ गया है। बेंगलुरु की एक कंज्यूमर कोर्ट ने PVR सिनेमाज और INOX को आदेश दिया है कि वे अपने सिनेमाघरों में फिल्म के वास्तविक समय को टिकट पर स्पष्ट रूप से लिखे। ताकि दर्शकों को बिना मतलब के विज्ञापनों में समय बर्बाद न करना पड़े। ‘बेंगलुरु शहरी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग’ ने ओरियन मॉल में निर्धारित शोटाइम से पहले विज्ञापन चलाने के लिए पीवीआर सिनेमा और आईनॉक्स पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने इसे ‘अन्यायपूर्ण’ और ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ माना है।
वकील अभिषेक एमआर ने 2023 में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद अध्यक्ष एम शोभा ने सदस्यों के अनीता शिवकुमार और सुमा अनिल कुमार के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के पक्ष में आंशिक रूप से फैसला सुनाया। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक एमआर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि साल 2023 में उन्होंने फिल्म ‘सैम बहादुर’ के लिए शाम 4.05 बजे के शो के लिए तीन टिकट बुक किए थे। उन्होंने दावा किया कि फिल्म शाम 4.30 बजे शुरू हुई, जिसके बाद फिल्मों के विज्ञापन और ट्रेलर स्ट्रीम किए गए। इससेउनकी लगभग 30 मिनट का समय बर्बाद हुआ।
फिल्म शाम 6.30 बजे खत्म होनी थी, इसलिए उन्होंने शो के बाद अपने ऑफिस लौटने की योजना बनाई। शिकायत में लिखा है, “शिकायतकर्ता उस दिन के लिए निर्धारित अन्य व्यवस्थाओं और नियुक्तियों में शामिल नहीं हो सका। उसे ऐसे नुकसान का सामना करना पड़ा है जिसकी गणना मुआवजे के रूप में पैसे के रूप में नहीं की जा सकती।”
कोर्ट का बड़ा आदेश
पीवीआर और आईनॉक्स को शिकायतकर्ता के समय बर्बाद करने के लिए 50,000 रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए 5,000 रुपये और शिकायत दर्ज करने और अन्य राहत के लिए 10,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने पीवीआर सिनेमा और आईनॉक्स पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उन्हें जुर्माने के रूप में उपभोक्ता कल्याण कोष में राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।
आयोग ने यह भी पाया और माना कि कई दर्शकों ने इसी तरह की समस्याओं का सामना किया होगा। पीवीआर सिनेमा और पीवीआर आईनॉक्स लिमिटेड को इस मामले में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया। आयोग ने यह भी बताया कि लंबे विज्ञापनों के साथ लोगों का समय और पैसा बर्बाद करना अनुचित है।
पीवीआर का जवाब
पीवीआर सिनेमा और पीवीआर आईनॉक्स लिमिटेड ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तर्क दिया है कि उन्हें फिल्म से पहले PSA (public service announcements) दिखाना कानूनी रूप से जरूरी है। इस पर आयोग ने कहा कि उन्होंने पाया कि चलाए गए 17 विज्ञापनों में से सिर्फ एक पीएसए था। जबकि दिशा-निर्देश ऐसी ऐड के लिए अधिकतम 10 मिनट की अनुमति देते हैं।
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