मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (MOAMC) ने रविवार को अपने और अपने अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि यह आरोप निहित स्वार्थ वाले व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर फर्म और नेतृत्व की दशकों से बनी अच्छी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है. सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों में दावा किया गया था कि कल्याण ज्वैलर्स के शेयर भारी मात्रा में खरीदने के लिए एमओएएमसी के मनी मैनेजरों को रिश्वत दी गई है.
कंपनी ने बताया अफवाहों को निराधार, दुर्भावनापूर्ण
इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने “निराधार, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक आरोपों” को स्पष्ट रूप से नकार दिया. एसेट मैनेजर ने कहा, “हमारी ईमानदारी पर इस तरह के निराधार हमले हमें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एमओएफएसएल) के पास नैतिक प्रथाओं और पारदर्शिता के साथ काम करने का लगभग चार दशकों का अनुभव है.”
मोतीलाल ओसवाल ने कहा- ‘नहीं बर्दाश्त करेंगे कोई चूक’
कंपनी ने एक बयान में कहा, “हमारी टीम की ईमानदारी सर्वोच्च स्टैंडर्ड की है और हम निवेशकों को आश्वस्त करते हैं कि हमने कभी भी इसे लेकर कोई चूक नहीं की है और न ही कभी इस तरह की चूक बर्दाश्त करेंगे”. एमओएएमसी ने कहा, “इस्तीफे, अनैतिक व्यवहार या छापेमारी से जुड़ी अफवाहों के बारे में फर्म और उसके अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और जनता को गुमराह करने और दशकों की सेवा से अर्जित हमारे विश्वास को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है.”
वेरिफाइड स्त्रों पर ही करें भरोसा
एसेट मैनेजर ने लोगों से गलत सूचना फैलाने के इन निराधार और अनैतिक प्रयासों पर विश्वास न करने का आग्रह किया. कंपनी ने कहा, “हम सभी हितधारकों से सूचना के विश्वसनीय और वेरिफाइड स्रोतों पर भरोसा करने का आग्रह करते हैं. हम अपने निवेशकों, वितरकों, शेयरधारकों और अन्य सभी हितधारकों को आश्वस्त करते हैं कि हम अनुपालन मानकों के उच्चतम स्तर का पालन करते हैं और हमें अपने सिस्टम, प्रक्रियाओं और फंड मैनेजरों पर पूरा भरोसा है.
कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में गिरावट जारी
कंपनी ने कहा, “एमओएफएसएल अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करने और हमारे निवेशकों और व्यापक समुदाय द्वारा हम पर रखे गए विश्वास और भरोसे की रक्षा करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा.” कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों में गिरावट जारी रही. इस बीच कंपनी ने आयकर छापे और कुछ फंड मैनेजरों को कथित तौर पर रिश्वत देने की बात से इनकार किया. बीएसई पर गत शुक्रवार को कंपनी के शेयर 6.93 प्रतिशत गिरकर 501.65 रुपये पर पर बंद हुए जो लगभग छह महीने का निचला स्तर है. इससे पहले इसी साल 2 जनवरी को कंपनी के शेयर 794.60 रुपये के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर थे. इस प्रकार 15 दिन में इसमें 36.86 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है